Anxiety को ऐसे करें कंट्रोल, जानिए कितने प्रकार की होती है एंग्जाइटी

एंग्जाइटी (Anxiety) एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है. तनाव को एंग्जाइटी का हम परिभाषित कह सकते हैं, जैसे किसी इंसान को किसी चिजों से डर लग रहे तो इसे हम एंग्जाइटी बोल सकते है, आजकल यह काफी सामान्य है. हर इंसान को कभी न कभी लाइफ में किसी भी तनाव पर एंग्जाइटी फील होती है, अगर एंग्जाइटी किसी प्रोफेशनल, पर्सनल या किसी कारन वर्ष बहुत ज्यादा बढ़ जाए तो उसे हम एंग्जाइटी डिसऑर्डर बोलते हैं. तो मूल रूप से देखा जाए तो यह एक नोरमल कॉम्पोनेन्ट हैं, पर अगर एंग्जाइटी हमारी लाइफ में बढ़ जाए या ज्यादा प्रभाव देने लगे तो किसी डॉक्टर से कंसल्ट कर इसका इलाज कर वाए.

एंग्जाइटी कंट्रोल करने के कुछ टीप्स

1. 30-45 मिनट्स एक्सरसाइज करने से मानसीक स्ट्रेस लेवल काफी कम हो जाता है, क्योंकि एक्सरसाइज से हैप्पी हार्मोन रिलीज होते हैं.

2. 15-20 मिनट योग और ध्यान करें, इससे आप काफी रिलैक्स फिल करेंगे.

3. कुछ स्वस्थ आहार लें जिससे विश्राम और शांति मिलेगी.

4. कैफीन का सेवन सीमित करें, आप को लगता है कि कैफीन से एंगेजाइटी कम हो रही पर ऐसा नहीं है, उससे चिंता का स्तर पहले से बढ़ जाता है.

5. ड्रग्स का सेवन कम से कम करें, जैसे की अल्कोहल, वीड, मारिजुआना आदि. ये सारे चिजों के सेवन से आपको नशे से भले ही थोड़े देर के लिए बेहतर मेहसुस होगा पर एंगजाइटी लेवल और बढ़ा देगी.

Types Of Anxiety

1.Generalized Anxiety Disorder: छोटे-छोटे चिजों को लेकेर टेंशन होते हैं. व्यक्ति हमेशा बहुत सी चीजों के बारे में चिंतित महसूस करता है.

2. Panic Disorder: पैनिक डिसऑर्डर में व्यक्ति अचानक से डर जाता है या उसे अचानक घबराहट होनी लगते और दिल की धड़कन बढ़ जाती है, या रोगी को ऐसा लगता है कि मैं बस गया! मेरी मौत ही हो जाएगी, और घबराया हुआ व्यक्ति जब कोई अस्पताल में जाता है तो उसे कोई बीमारी नहीं मीलता यह. आम तोर पर देखा जाए पैनिक डिऑर्डर 1 मिनट से 5 मिनट तक मानसिक तोर पर रहता है.

3. Illness Anxiety Disorder: इंसान को ऐसा लगता है कि उसे कोई बहुत बड़ी बीमारी है, और बार-बार वह टेस्ट करवाता है, जिसके परिणाम हमेशा नोर्मल ही आता है. एसे में व्यक्ति को हमेशा लगता की कि उसे कोई बड़ी बीमारी है.

5. Phobia: फोबिया यानी किसी चीज या किसी स्थिति का डर. किसी भी चिज से डरना फोबिया कहलाता है. जैसी की एक्रोफोबिया जिसमें हाइट से डर लगता है, ज़ोफोबिया यानी जानवरों का डर इसी प्रकार कई फोबिया यानी डर लोगों के मन में बेठ जाता हैं.

6. Post-Traumatic Stress Disorder: किसी भी जानलेवा स्थिति से PTSD एंग्जाइटी विकसित हो सकती है जैसे किसी भूकंप के बाद उसका ट्रोमा दिमाग में बेठ जाना.

इन सब के अलावा अगर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं तो आपकी चिंता और तनाव को कम करने में काफी मदद मिलेगी.

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